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प्रभु तेरी इस दुनिया मै ये मंजर क्यों हैं, कही अपनापन

अनमोल सुविचार


हिन्दी सुविचार
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प्रभु तेरी इस दुनिया मै ये मंजर क्यों हैं, 
कही अपनापन तो कही पीठ पे खंजर क्यों हैं...

जब रहने वाले सभी इंसान तेरे है , 
फिर कोई दोस्त तो कोई दुश्मन क्यों हैं...

तू ही लिखता है सबका का मुक़द्दर , 
फिर कोई बदनसीब, कोई मुक़द्दर का सिकंदर क्यों हैं...
              🙏जय श्री कृष्णा🙏


prabhu teri is duniya mai ye manjar kyon hain, 
kahee apnaapan to kahee peeth pe khanjar kyon hain...

jab rahne vaale sabhee insaan tere hai , 
phir koee dost to koee dushman kyon hain...

tu hee likhata hai sabka ka muqaddar , 
phir koee badanaseeb, koee muqaddar ka sikandar kyon hain...
              🙏jai shree krishna🙏

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