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पहले गरीबी थी जो हम सबको एक आंचल में सुला

हिन्दी सुविचार


हिन्दी सुविचार
हिन्दी सुविचार

पहले गरीबी थी जो हम सबको एक आंचल में सुला देती थी,

और अब अमीरी आ गई तो सबको अलग- अलग मक़ान चाहिए...!!


pahale gareebee thee jo ham sabako ek aanchal mein sula detee thee,

aur ab ameeree aa gaee to sabako alag- alag maqaan chaahie...!!

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