मैं अकेला बूँद हूँ यदि आप मिल जाएं तो सागर हूँ...

Hindi shayari

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मैं अकेला बूँद हूँ
यदि आप मिल जाएं तो सागर हूँ...

मैं अकेला धागा हूँ
यदि आप मिल जाएं तो चादर हूँ...

मैं अकेला कागज हूँ
यदि आप मिल जाएं तो किताब हूँ...

मैं अकेला अलफ़ाज़ हूँ
यदि आप मिल जाएं तो सुंदर रचना हूँ...

मैं अकेला ईंट पत्थर हूँ
यदि आप मिल जाएं तो इमारत हूँ...

मैं अकेला केवल दुआ हूँ
यदि आप मिल जाएं तो पुरी पूजा हूँ...

जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में है...
👍🏻👍🏻👍🏻

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