कभी-कभी हम अपने बहुत करीबी लोगों की भावनावों को समझ नहीं पाते हैं...


कभी-कभी हम अपने बहुत करीबी लोगों की भावनावों को समझ नहीं पाते हैं,

क्योंकि...
आँख के एकदम पास रखकर किताब को पढ़ना बड़ा कठिन होता है।।
🙏🙏🙏


kabhee-kabhee ham apane bahut kareebee logon kee bhaavanaavon ko samajh nahin paate hain,,

kyonki...

aankh ke ekadam paas rakhakar kitaab ko padhana bada kathin hota hai..
🙏🙏🙏

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