*_बहुत अंदर तक तबाही मचाते है…वो आँसू जो आँख से बह नहीं पाते 😢 😢...

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*_बहुत अंदर तक तबाही मचाते है…वो आँसू जो आँख से बह नहीं पाते 😢 😢_*

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