कुछ "रिश्ते"..."किराए" के..."मकान" जैसे होते हैं.....

कुछ "रिश्ते"..."किराए" के..."मकान" जैसे होते हैं.....
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"उन्हें" कितना भी..."सजालो पर...वो कभी "अपने" नही होते.....💔

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